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scr        स्क्रीन रीडर एक्सेस
 
सदेव पूछे जाने वाले प्रश्न
 
 
 
 
 
 
प्रवासी भारतियों के बीमे संबंधी आमतौर पर पूछे जाने वाले प्रश्न:
प्रवासी भारतीय कौन हैं?

प्रवासी भारतीय भारत का नागरिक होता है ( जिसके पास भारत सरकार द्वारा जारी पासपोर्ट होता है ) जो वर्तमान में अस्थायी रूप से उस देश में अपने मौजूदा पते पर रहता / रहती है। वह अभि जिस पते पर रहता है उस पते वाले देश या किसी दूसरे देश की नागरिकता पाने के लिए उसने आवेदन न किया हो। और न ही निकट भविष्य में उसने ऐसा करने की योजना बनाई हो।

क्या ग्रीन कार्ड धारक और भारतीय मूल के विदेशियों को प्रवासी भारतीय माना जाता है ?

नहीं , बीमा देने की स्वीकृति देने के उद्देश्य से ग्रीन कार्ड धारकों और भारतीय मूल के विदेशियों को प्रवासि भारतीय नहीं माना जाता। उन्हें विदेशी माना जाता है और बीमा करने के लिए विदेशी नागरिकों पर लागू होने वाले बीमांकन नियमों के अंतर्गत ही उनका बीमा किया जाता है।

किस मुद्रा में बीमा करवाने की अनुमति दी जाएगी

प्रवासी भारतीयों को भारतीय मुद्रा में ही बीमा पॉलिसियां लेने की अनुमति दी जाएगी।
प्रवासी भारतीयों / भारतीय मूल के विदेशियों को बीमा कराने की अनुमति कब दी जा सकती है ?
  • उनके भारत आने पर। प्रस्ताव भरने की सारी औपचारिकताएं , जैसे डाक्टरी जांच की रिपोर्ट / विशेष रिपोर्ट और नैतिक जोखिम रिपोर्ट जैसी प्राथमिकताएं भारत में उनके प्रवास के दौरान ही पूरी की जानी चाहिए।
  • उनके वर्तमान पते वाले देश से डाक आदेश व्यापार के जरिये। प्रस्ताव भरने से संबंधित सभी प्राथमिकताएं - डाक्टरी / विशेष जांच रिपोर्टें प्राप्त करने जैसी औपचारिकताएं उसी देश में पूरी की जानी चाहिए जहां वह इस समय पर रह रहें हैं। (सिर्फ प्रवासी भारतीयों के लिए)।
प्रवासी भारतीयों को कौन - कौन सी योजनाएं दी जाती हैं ?

कुछ विशेष शर्तों के साथ सारी योजनाओं की स्वीकृति दी जाती है।

आय प्रमाण पत्र के रूप में कौन - कौन से दस्तावेज वैध होंगे?
  • अगर बीमा धनराशि १५ लाख रुपये से अधिक है तो जिस देश में प्रवासी भारतीय रहता है उस देश में भरे गये आयकर विवरण की प्रति।
  • अगर आयकर विवरण न भरा गया हो तो वेतन का ब्योरा देने वाले रो.जगार अनुबंध की प्रति या व्यापार और आय के दूसरे साधनों के संबंध में सी.ए. का दिया प्रमाण पत्र।
  • विधिवत भरी गयी और प्रस्तावक द्वारा हस्ताक्षरित और नैतिक जोखिम रिपोर्ट भर रहे अधिकारी द्वारा प्रति हस्ताक्षरित व्यक्तिगत वित्तीय प्रश्नावली ( पीएफक्यू ) को भी २५ लाख रुपये तक की बीमा धनराशि की पॉलिसी के लिए आय प्रमाण पत्र के रूप में स्वीकार किया जा सकता है।
स्वास्थ्य परीक्षा आधारित व्यवसाय के अंतर्गत दाा.र्खिंल प्रस्तावों के साथ-कौन-कौन से दस्तावे.ज लगाने होंगे?
  • विधिवत भरे गये प्रस्ताव प्रपत्र।
  • स्वास्थ्य परीक्षा रिपोर्ट के साथ विशेष रिपोर्ट, यदि कोई है।
  • नैतिक जोखिम प्रमाण पत्र।
  • पासपोर्ट की एक प्रति।
  • विधिवत भरी गयी प्रवासी भारतीय की प्रश्नावली।
 
प्रवासी भारतीयों हेतु जारी पॉलिसियों का प्रीमियम कैसे भरा जाएगा?
निम्न में से किसी भी तरह से प्रीमियम भरा जा सकता है।
  • उसके प्रवासी ( विदेशी ) खाते से जारी चेक या भारत स्थित किसी भी बैंक के विदेशी मुद्रा ( प्रवासी ) खाते या संयुक्त खाते से जारी चेक द्वारा बशर्ते कि पॉलिसी धारक खाता धारकों में से एक हो।
  • केवल अपने अथवा भारत में रहने वाले अपने परिवार के सदस्यों, जैसे पिता , माँ , पति / पत्नी , बच्चें , भाई या बहन के साथ संयुक्त खाते से जारी चेक द्वारा चाहे खाते को प्रवासी खाता नाम दिया गया हो अथवा नहीं।
  • प्रवासी पॉलिसी धारक के भारत में रहने वाले माता - पिता , पति या पत्नी के भारत में स्थित किसी भी बैंक खाते से चाहे वह खाता उनमें से किसी एक के नाम पर हो या .करीबी रिश्तेदारों के नाम पर संयुक्त खाता हो। अगर बीमित व्यक्ति प्रमाणिक वास्तविक छात्र है तो उसकी ओर से भारत में किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा दिया गया प्रीमियम भी स्वीकार किया जाएगा।
  • अगर इस तरह की पॉलिसियां किसी भारतीय नागरिक को समनुदेशित हों तो पूर्ण समनुदेशित व्यक्ति भी पॉलिसी का प्रीमियम भर सकता है।
  • विदेशों में प्रतिनियुक्त अपने कर्मचारियों की पॉलिसियों के प्रीमियम का भुगतान नियोक्ता कर सकते हैं।
  • प्रवासी भारतीय पॉलिसी धारक के भारत में रहने वाले माता - पिता या उसकी पत्नी या पति भी प्रीमियम भर सकता है परंतु उसके लिए पॉलिसी धारक को पत्र लिख कर उस व्यक्ति के साथ अपना संबंध बताना होता है।
 
दावों का निपटारा कैसे किया जाता है?
रुपये में बीमित जीवन बीमा पॉलिसियों के दावों का भुगतान भारत के बाहर रहने वाले दावेदार को उसी अनुपात में विदेशी मुद्रा में किया जाता है जिस अनुपात में उसने कुल प्रीमियम के जितने अंश का विदेशी मुद्रा में भुगतान किया होता है।
 
हिताधिकारियों के दावों का निपटारा कैसे किया जाता है?
  • अनिवासी हिताधिकारियों के मामले में:
    बीमा दावों / परिपक्वता / अभ्यर्पण मूल्य के प्रवासी भारतीय दावेदारों के दावों का भुगतान वह चाहें तो एन.आर.आई. ( प्रवासी विदेशी )/ एफ.सी.एन.आर. ( विदेशी मुद्रा प्रवासी ) खाते में किया जा सकता है।
  • बीमा दावों / परिपक्वता / अभ्यर्पण मूल्य के प्रवासी भारतीय दावेदारों के दावों का भुगतान वह चाहें तो एन.आर.आई. ( प्रवासी विदेशी )/ एफ.सी.एन.आर. ( विदेशी मुद्रा प्रवासी ) खाते में किया जा सकता है।
  • प्रवासी भारतीयों को रुपये में जारी बीमा पॉलिसियों का निपटारा , जिनके प्रीमियम देश अपरिवर्तनीय रुपयों में जमा की गयी हैं हिताधिकारी के एन.आर.ओ. ( सामान्य प्रवासी ) खाते में जमा करा कर ही किया जा सकता है। प्रवासि हिताधिकारियों के पक्ष में मृत्यु दावों का निपटारा इसी तरह किया जायेगा।
  • निवासी हिताधिकारियों के मामले में:
    विदेशी मुद्रा में तय पॉलिसियों के दावों / परिपक्वता / अभ्यर्पण मूल्य / का भुगतान निवासी हिताधिकारी को यदि वह चाहे तो आर.एफ.सी. ( निवासी विदेशी मुद्रा ) खातों में जमा करा कर किया जा सकता है।
 
क्या प्रवासी भारतीय/ भारतीय मूल के व्यक्ति एल.आई.सी. की रुपये की करेंसी वाली पॉलिसियां ले सकते हैं?
जी हां, भारत में स्थित २०४८ शाखाओं में से किसी भी शाखा से ले सकते हैं
 
क्या प्रवासी भारतीय/ भारतीय मूल के व्यक्ति एल.आई.सी. की विदेशी मुद्रा पालिसियां ले सकते हैं?
भारत में एल.आई.सी. सि.र्फ रुपये की मुद्रा में पॉलिसियां बेचता है। परंतु, लंदन , .फिजी , और मारीशस में रहने वाले हमारे ग्राहक क्रमशः इन देशों के पाउंड-स्टर्लिंग , .फिजी डालरों और मारीशियाई रुपये में मूल्यांकित पॉलिसियां उन देशों में स्थित हमारे कार्यालयों से ले सकते हैं। इसी तरह एल.आई.सी. ( अंतरराष्ट्रीय ) बी.एस.सी . ( सी ), बहरीन - जो एलआईसी की सहायक कंपनी है और बहरीन , सऊदी अरब , ओमान , कतर , यू.ए.ई. और कुवैत में प्रवासी भारतीयों के लिए व्यवसाय करती है , ग्राहक उनसे अमरीकी डालरों , बहरीन दीनार , सऊदी रियाल की मुद्राओं में पॉलिसियां ले सकते हैं। हमारी सहयोगी कंपनियों - एल.आई.सी. ( नेपाल ) और एल.आई.सी. ( श्रीलंका ) से उन देशों , यानी नेपाल और श्रीलंका की स्थानीय मुद्रा में पॉलिसियां ली जा सकती हैं।
 
एलआईसी प्रवासी भारतीयों/ भारतीय मूल के व्यक्तियों को किस तरह की पॉलिसियां बेचती हैं?
भारतीय पासपोर्ट धारक अस्थायी प्रवासी भारतीयों को एलआईसी अपनी सारी व्यक्तिगत बीमा योजनाएं बेचती हैं। भारतीय मूल के विदेशी नागरिक अपने भारत प्रवास के दौरान एल.आई.सी. की पॉलिसियां ले सकते हैं। परंतु , सावधि बीमा और स्वास्थ्य बीमा संबंधी तथा संयुक्त जीवन पॉलिसियों की अनुमति उन्हें नहीं दी जाती।
 
क्या एल.आई.सी. विदेश जाने वाले लोगों के लिए विदेशों में चिकित्सा बीमा उपलब्ध करती है?
नहीं , विदेश यात्रा करने वालों के लिए एलआईसी के पास कोई आगंतुक चिकित्सा बीमा योजना नहीं है।
एल.आई.सी. के विदेश में स्थित कार्यालयों का पता क्या है ?
विदेश में स्थित हमारे कार्यालयों का पता ये हैः

यॉर्क हाउस, तेरहवीं मंजिल, इंपाएर वे,
इंगलैंड (स्टरलिंग पाउंड में)


वेंबली, मिडिलसेक्स, एचए 9 -ओपीएक्स, यूके. आईएसडी कोड नंबर. 0044,
फैक्स नंबर. 20-8902-5281
टेली.फोन नंबर. 20-8902-5294
ई-मेलः cmgr@liciuk.com
ई-मेलः enquiry@licuk.com
वेबसाइटः www.liciuk.com
एस.सी. सिंह, मुख्य प्रबंधक

 
जीवन बीमा निगम, फिजी

लिकी हाउस बूट स्ट्रीट,
जीपीओ बोक्स. 266, सुवा .फिजी,
आईएसडी कोड नंबर. 679 ,
ई-मेलः lici@connect.com.fj
वेबसाइटः www.licfiji.com
जी. वी. रमाना, मुख्य प्रबंधक

 
जीवन बीमा निगम लौतुका शाखा

5 , तुई स्ट्रीट, विक्टोरिया परेड पीओ बोक्स नंबर. 789
लौतुका फिजी
आईएसडी कोड नंबर. 679
टेलीफोन नंबर 6651923 / फैक्स. 6651984
ई-मेलः liciltka@connect.com.fj

 
जीवन बीमा निगमः मारीशश (मारीशश रुपए में)

जीवन बीमा निगम सेंट, राष्ट्रपति जाँन
केनेडी स्ट्रीट, पीओ. बोक्सः ३१०
पोर्ट लूइस, मारीशश.
आईएसडी कोड नंबर. 230
टेली.फोन नंबरः 2125316/2110465
ई- मेलःliccmm@intnet.mu
वेबसाइटः licmauritius.intnet.mu
टी.सी. सुशील कुमार, मुख्य प्रबंधक
जीवन बीमा निगम, मारीशश आ.फशोर लि.
पोर्ट लूइस, मारीशश.
राकेश कुमार, सीइओ
ई- मेलः rksp01@yahoo.com

 
जीवन बीमा निगम केनिया

केनइंडिया एश्योरेंस कंपनी. लि.,
दसवीं मं.जिल, केनइंडिया भवन,
पीओ. बोक्स नंबर. 30377 , नैरोबी,
केनिया. आईएसडी कोड नंबर. 25420
टेली.फोन नंबर. 333100/214662
ई-मेलः life@kenindia.com
एस. मजूमदार, डीवाईजीएम. (लाइफ ओपेर.)

 
जिवन बीमा निगम: नेपाल

बलॉक एक्स, दूसरी मंिजल,
काठमांडू पलाजा,
पीओ बोक्स नंबरः 21905,
कमालाड़ी, काठमांडू नेपाल
आईएसडी कोडः 977-11
टेली.फोन नंबरः 4229688/4243352
फैक्स नंबर : 4229689
ई- मेलः lic@mos.com.np
वेबसाइटः www.licnepal.com
बीके उनहेलकर सीइओ

 
जीवन बीमा निगम श्रिलंका

एलआईसी (लंका) लि०. शार्नेल बिल्डिग,
29/2, विसाका रोड, कोलंबो - 4, श्रिलंका
आईएसडी कोड नंबर. 0094-11
फैक्स नंबरः 5360526
हॉट लाइन -011-4522668
ई- मेलः admin@liclanka.com
वेब साइटः www.liclanka.com
रवि शंकर प्रसाद, सीइओ

 
जीवन बीमा निगम अंतरराष्ट्रीयः

जीवन बीमा निगम (अंतरराष्ट्रीय) बीएससी. (सी)
पहली मं.जिल, अली अल-वज्जान
बिल्डिग, अल .खली.फा एवेन्यु,
पोस्ट बोक्स ामांक. 584
मनामा, बहरीन
टेलाफोन नंबर : 0973-17210610
फैक्स नंबरः 0973-17211577
ई- मेलः licintl@batelco.com.bh
वेब साइटः www.licinternational.com
एमके. संथानम,निर्देशक और सह महाप्रबंधक जीएम
आरआर. नायर, सीइओ,
एसआईआईसीओ (एम), 966567271971

 
मुख्य एजेंट का कार्यालय: बहरीन

अंतरराष्ट्रीय एजेंसी.ज कंपनी. लि०.,
पहली मां.जिल, अली अल-वज्जान बिल्डिग,
पोस्ट बोक्स ामांक. 584 ,
मनामा, बहरीन.
किंगडम ऑफ बहरीन. आईएसडी 00973
टेली.फोन नंबर . 17210610 / .फैक्स नंबर 17211577
ई- मेलःintcolic@batelco.com.bh

मुख्य एजेंट का कार्यालय: दुबई

किंगस्टार इंश्योरेंस एजेंसी.ज एलएलसी,
पोस्ट बोक्स ामांक. 60793 ऑफिस 102
दुबई. युएइ आईएसडी 009714
टेलीफोन नंबर 3354858८/फैक्स नंबर 3354684
मेलःmail@licinternationaluae.com

 
मुख्य एजेंट का कार्यालय: कुवैत

वर्बा इंश्योरेंस कंपनी. एसएके,
पोस्ट बोक्स ामांक
24282 ,सपत- 13103
कुवैत आईएसडी 00965.
टेली.फोन नंबर 2445140 / फैक्स नंबर 2428775
ई- मेलः warba@kuwait.net

 
दलाल का कार्यालय:.कतर

इन्वेस्टेक डब्लूएलएल, पीओ. बोक्स 3002,
दोहा, .कतर आईएसडी 00974
टेली.फोन नंबर 4325060 / फैक्स नंबर 4353560
ई- मेलः investec@qatar.net.qa

मुख्य एजेंट का कार्यालय: सऊदी अरब

हल हमीदी कंट्रक्टिग ईस्ट
कंपनी.,पीओ. बोक्स 130, रियाज - 11411 ,
किंग्डम ऑफ सऊदी अरेबिया.
आईएसडी 009661
टेलीफन नंबर 4880066/फैक्स नंबर 4881012
ई- मेलः Licriyadh@rediffmail.com

 
शाखा: ओमान

वर्बा इंश्योरेंस एजेंसी.ज कंपनी. लि०
पीओ. बोक्स -2243, रुवी -112 ,
सल्तनत ऑफ ओमान
टेलीफोन नंबर (968)-700441
ई- मेलः licoman@omantel.net.om

 
Contact us for further details at: co_intn.oprn@licindia.com, co_crm@licindia.com
 
नेट बैंकिंग की मार्फत आने वाली बीमा प्रीमियमों को जमा करने बाबत अनिवासी भारतीयों के आम सवाल (एफएक्यूएस):?

नेट बैंकिंग और फोन बैंकिंग द्वारा एल आई सी के प्रीमियम की अदायगी के फायदे क्या हैं?

You as our policyholder:-

  • नेट के कभी भी , कहीं से भी पहुंच के कारण आप सप्ताह के सातों दिन , दिन के चौबीसों घंटे प्रीमियम भरने का .फैसला कर सकते हैं और उसके लिए प्राधिकृत कर सकते हैं .
  • एलआईसी कार्यालय पर गये बिना घर या द.फ्तर से भुगतान संबंधी निर्देश दे सकते हैं .
  • प्रीमियम भरने के लिए कतार में लग कर समय गंवाने की जहमत से बचा जा सकता है .
  • एलआईसी से मु.फ्त में सेवाएं ले सकते हैं क्योंकि आपको इस अतिरिक्त सुविधा के लिए एलआईसी को या उसकी अधिकृत एजेंसियों को कोई शुल्क नहीं देना पड़ता .
  • आप के खाते से किस दिन प्रीमियम की रकम डेविट की जाये पहले से ही इसका .फैसला कर सकते हैं .
  • बीच के समय आप अपना निर्देश बदल सकते हैं .
  • हमें बैंकों और सेवा प्रदाओं से ईमेल के .जरिये ब.काया प्रीमियमों की बाबत चेतावनी और सर्तकता संदेश मिल जायेंगे .
  • एलआईसी को रकम भेजने के लिए डाक और कुरियर .खर्च बचा सकते हैं .
  • शहर के बाहर प्रीमियमें भेजने के लिए डिमांड ड्रा.फ्ट / पे आर्डर बनवाने के .खर्च से बच सकते हैं .
  • अपनी देय प्रीमियमें और पालिसी संबंधी अन्य ब्योरे ले सकते हैं .
 
इस सुविधा के जरिये किन पालिसियों का भुगतान किया जा सकता है?
  • हमारी नेटवर्क शाखाओं से बेची जानेवाली और य मान ' ( मेट्रो एरिया.ज नेटवर्क ) या य वान ' ( वाइड एरिया नेटवर्क ) के जरिये उपलब्ध तमाम पालिसियों की प्रीमियमें भरी जा सकती हैं
  • सामान्य भुगतान मोड वाली प्रीमियमें , यानी वार्षिक , छमाही और तिमाही प्रीमियमें .
  • एकल प्रीमियम , साधारण माहवार ( मंथली ) और सलरी सेविंग स्कीम - जैसी पालिसियों की प्रीमियमों के भुगतान के लिए इस सुविधा का इस्तेमाल नहीं कर सकते .
  • पालिसी को पूरी तरह लागू होना चाहिए. लैप्स पालिसी या नवीनीकरण योग्य पालिसियां वैध नहीं होती.
 
इस सुविधा का लाभ लेने के बदले क्या शुल्क देय होता है?
  • यह सुविधा एलआईसी के पालिसी धारकों को मु.फ्त में उपलब्ध है .
  • एलआईसी ने बैंकों / सेवा प्रदाताओं के साथ करार कर रखा है जिसके तहत वह परस्पर सहमति की दर से माहवार भुगतान करता है . ग्राहकों से इस सुविधा के बदले कोई शुल्क नहीं लिया जायेगा .
 
अपनी नेटबैंकिंग/फोन बैंकिंग सुविधा की मा.र्फत एलआईसी की प्रीमियमें जमा करने के लिए किन संगठनों को प्राधिकृत किया गया है?
  • प्राधिकृत बैंक
    • एचडीएफसी बैंक , आईसीआईसीआई बैंक , बैंक आ.फ पं जाब , यूटीआई बैंक , .फेडरल बैंक , कारपोरेशन बैंक और सिटी बैंक.
  • प्राधिकृत सेवा प्रदाता (कुछ ही शहरों में उपलब्ध)
    • बिल जंक्शन डाट काम, टाइम्स आ.फ मनी डाट काम और बिलडेस्ट डाट काम.
 
प्राधिकृत बैंकों में पंजीकरण कौन करा सकता है?
  • हमारी पालिसी धारक की हैसियत से आप , बशर्ते कि उपर्युक्त बैंकों की भारत भर की किसी शाखा में आपका खाता है .
  • आपको इन बैंकों की नेट बैंकिंग सुविधा का उपयोग करना चाहिए . इसके ब्योरे आप उन बैंकों की वेबसाइटों से प्राप्त कर सकते हैं . नये ग्राहकों के लिए डाउनलोड करने योग्य .फार्म भी उपलब्ध हैं .
  • आप इन बैंकों की ओर से उपलब्ध कराये लाग इन और पास वर्ड के .जरिये नेट बैंकिंग खाते तक पहुंच सकते हैं .
  • नेट बैंकिंग की अधिक जानकारी के लिये आप उस बैंक के वेबसाईट पर लॉग ऑन कर सकते हैं .
 
अधिकृत सेवा प्रदाताओं के यहां पंजीकरण कौन करा सकता है?
  • उपर्युक्त सेवा प्रदाता जिन शहरों में अपनी सेवाएं प्रदान करते हैं उन शहरों की किसी बैंक के खातेदार हमारे पालिसी धारक .
  • संपर्क करके आप सेवा प्रदाता को इस आशय का अधिकार प्रदान करते हैं कि वह सीधे आपके बैंक खाते से बिल की रकम जमा करा दे . आपको अपने खाते और दूसरी प्रासंगिक जानकारियां सेवा प्रदाता को मुहैया करानी पड़ सकती हैं .
 
किन-किन शहरों में सेवा प्रदाता उपलब्ध हैं?
  • बिल जंक्शन डाट काम मुंबई , दिल्ली , कोलकाता , चेन्नई , बंगलौर , हैदराबाद , अहमदाबाद और पुणे में इस तरह की सेवाएं देता है .
  • टाइम्स आफ मनी डाट काम मुंबई , दिल्ली और बंगलौर में कारोबार करता है .
  • बिलडेस्कडाट काम मुंबई , दिल्ली कोलकाता , चेन्नई , बंगलौर , अहमदाबाद , पुणे बडौदा , और सूरत में सेवाएं प्रदान करता है . उन्होंने अपने सहयोगियों , बैंक आ.फ बडौदा , आईडीबीआई बैंक , एबीएन - एमआरओ बैंक के साथ समझौते कर रखे हैं .
प्राधिकृत बैंक, सेवा प्रदाता की बेवसाइटों पर अपनी पालिसी से संबंधित ब्योरे कैसे जोड़े जायें?
  • बैंक / सेवा प्रदाता के मुहैया कराये लाग इन और पासवर्ड के .जरिये बैंक / सेवा प्रदाता की वेब साइट आप अपने खाते का पेज लॉग - ऑन कर सकते हैं .
  • आपको अपनी पालिसी का ब्योरा और दूसरी आवश्यक जानकारियां देते हुए एलआईसी का उल्लेख बिलर के रूप में करना होगा . आमतौर पर आपको पालिसी नंबर , प्रीमियम की किस्त , अपना ईमेल पता और कुछ अन्य जानकारियां अपने पेज पर दर्ज करनी होती हैं . हर पालिसी के बारे में आपको यह काम करना होता है .
  • कुछ सेवा प्रदाताओं / बैंकों की वेबसाइटों पर डेमो पेज हैं जो बिलर का नाम दर्ज करने की प्रक्रिया के बारे में बताते हैं .
 
एलआईसी पंजीकृत पालिसियों के ब्योरे कैसे स्वीकार करता है?
  • बैंक और सेवा प्रदाता प्रमाणीकरण और पुष्टिकरण के लिए पंजीकरण के ब्योरे एलआईसी के पास भेजते हैं . चूंकि एलआईसी का डेटाबेस विकेंद्रित हैं इसलिए पंजीकरण डेटा की पुष्टि में लगभग एक ह.फ्ता लग जाता है .
  • एलआईसी पंजीकृत पालिसियों का समेकित डेटाबेस रखता है . इस डेटाबेस को मूल रूप से पालिसियां बेचने - चलाने वाली शाखाओं से मिली बदली सूचनाओं के मुताबिक नियमित समयांतराल पर अपडेट किया जाता है .
  • एलआईसी पंजीकरण की स्थिति की सूचना देने के लिए पालिसी धारकों को आटोमेलर भेजता है.
  • पंजीकरण अवस्था के बारे में जानकारी के लिए, अपने पंजिकृत पॉलिसी होल्डर को एल आइ सी ऑटो मेलर भी भेजती है.
 
मैं अपनी बीमा प्रीमियमें कब भर सकता हूं?
  • पंजीकरण की पुष्टि के बाद एलआईसी बैंकों / सेवा प्रदाताओं के पास नियमित रूप से बिलें / इनवाइसें भेजता रहता है जिनमें देय तिथि , प्रीमियम की रकम , विलंब शुल्क , वैधता तिथि , वगैरह का ब्योरा रहता है.
  • और जब पंजीकृत पालिसियों की प्रीमियम देय हो जाती है तो एलआईसी बैंक / सेवा प्रदाता के पास बिल भेज देता है , और बैंक / सेवा प्रदाता आपके नेट बैंकिंग पेज पर उन जानकारियों को डिस्प्ले करता रहता है .
 
बैंकों/ सेवा प्रदाताओं की मा.र्फत बीमा प्रीमियमें कैसे भरी जायें?
  • आपको बैंक / सेवा प्रदाता की वेब साइट पर लॉग ऑन करना होता है .
  • वेब पेज पर आपको उस तिथि का उल्लेख करना होता है जब आप अपने खाते से प्रीमियम की रकम डेबिट कराना चाहते हैं , और भुगतान की अपनी स्वीकृति पर क्लिक करें . अगर आपके पास कई बैंक खाते हैं तो आपको किसी एक खाते का उल्लेख करना होगा .
  • प्राधिकृत बैंक आपके बैंक खाते को डेबिट करेगा . भुगतानों का समेकन करेगा और समेकित भुगतान बैंकर के चेक या पे आर्डर के रूप में एलआईसी के पास भेज देगा .
  • प्राधिकृत सेवा प्रदाता भारतीय रि.जर्व बैंक की इलेक्ट्रानिक क्लीयरेंस प्रणाली की मा.र्फत बैंक शाखा जिसका उल्लेख आपने मैंडेट .फार्म में किया होगा , को निर्देश भेजेगा और बैंक आपके खाते को डेबिट करके डेबिट की गयी रकम सेवा प्रदाता के खाते में जमा कर देगा . उसके बाद सेवा प्रदाता वह रकम एलआईसी को सौंप देगा .
  • कुछ सेवा प्रदाताओं के पास आटो पे सुविधा ( जिसके तहत आप सीधे सेवा प्रदाता को अपने बैंक खाते से बिल की रकम डेबिट करने का निर्देश दे सकते हैं ) या .फोन बैंकिंग सुविधा होती है ( जिसमें आप फोन करके भुगतान के निर्देश दे सकते हैं ).
 
पालिसी के खाते में चुकायी गयी प्रीमियमों का हिसाब कैसे रखा जायेगा?
  • बैंकों / सेवा प्रदाताओं के यहां से आने वाले तमाम समेकित भुगतानों का लेखा - जोखा शाखा क्रमांक ८८३ (नयी मुंबई के मंडल कार्यालय- १ ), योगक्षेम, (वेस्टविंग), .जमीन तल, नरीमन प्वाइंट, मुंबई ४०००२१ पर रखा जाता है.
  • इंटरनेट मोडूल में बैच वार प्रसंस्करण करके हर पालिसी संख्या की प्रीमियमों के देन - लेन का ब्योरा और नवीनीकरण प्रीमियमों की पावतियां तैयार की जाती हैं .
  • उनकी नवीनीकरण पावतियों के प्रिंट लिये जाते हैं और उनको साधारण डाक से पालिसी धारकों को भेजा जाता है .
  • मौजूदा नेटवर्क कार्यक्रमों के .जरिये शाखा क्रमांक ८८३ के अतिरिक्त अन्य शाखाओं से प्रीमियमों के लेन- देन सबंधी ब्योरे संबंधित सेवा शाखाओं में भेजे जाते हैं .
  • तमाम असमायोजित कलेक्शन सेवा प्रदाताओं / बैकों को वापस कर दिये जाते हैं . पंजीकृत पालिसी धारकों को उनके ईमेल पतों पर ई मेल भेज कर पंजीकरण / भुगतानों की बाबत अवगत कराया जाता है.
 
इस भुगतान सुविधा का उपयोग करते समय किन बातों पर ध्यान दिया जाना चाहिए?
  • नेट बैंकिंग / .फोन बैंकिंग की मा.र्फत प्रीमियम भुगतान के लिए पंजीकरण कराने के बाद आपको नकद खिड़कियों पर प्रीमियम जमा करने से परहेज करना चाहिए . क्योंकि ऐसा कई बार हुआ कि एक ही महीने की देय प्रीमयम का भुगतान दो जगह से आ गया है .
  • चूंकि नवीनीकरण प्रीमियमों की पावतियां आपकी पालिसी के रिकार्डों में दर्ज पते पर भेजी जाती हैं इसलिए अपनी पालिसी के रिकार्ड में अपना मौजूदा पता दर्ज कराने पर ध्यान दें .
  • अगर आपको नवीनीकरण प्रीमियम भुगतान की पावती नहीं मिली है तो आप भरी गयी प्रीमियम की पावती अपनी पालिसी की सर्विसिंग शाखा से प्राप्त कर सकते हैं . किसी भी स्थिति में डुप्लीकेट पावतियां नहीं प्रिंट की जा सक तीं .
  • चूंकि हमारा डेटाबेस ढांचा विकेंद्रित है इसलिए जमा रकमों का ऑनलाइन समायोजन नहीं हो सकता . आपकी पालिसी की ता.जातरीन स्थिति दर्ज होने के लिए आपके लेन - देन के ब्योरे का आपकी पालिसी की सर्विसिंग शाखा तक पहुंचना अनिवार्य होता है . इसलिए आपके खाते से प्रीमियम की रकम डेबिट होने और आपके वेब पेज पर पालिसी के खाते में उस भुगतान के इंदराज के न.जर आने में कुछ समय जाता है .
 
 
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